बिहार के मुख्यमंत्री से लखीसराय के स्पीकर विजय कुमार सिन्हा से बहस क्यों ?जाने इस रिपोर्ट में
सार
लखीसराय की एक घटना को लेकर बिहार विधानसभा में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लखीसराय के स्पीकर विजय कुमार सिन्हा के बीच काफी तू - तू ,मैं - मैं हुई । पूरे विधानसभा में गहमागहमी का माहौल रहा।
विस्तार
14 मार्च 2022 की घटना उस दिन बिहार विधानसभा में अजीब वाकया देखने को मिला, जहां विधानसभा के अंदर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्पीकर विजय कुमार सिन्हा दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई। जिसके बाद नीतीश कुमार को कहना पड़ा कि पहले संविधान पढ़कर आओ। दरअसल यह पूरा मामला लखीसराय में हुई एक घटना से जुड़ा हुआ है।
मुद्दा
कुछ दिन पहले लखीसराय में सरस्वती पूजा के दौरान कोरोना गाइडलाइन को ना मानने के कारण, एक युवक को पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था। कथित तौर पर उस गिरफ्तार हुए युवक का संबंध लखीसराय के स्पीकर से है। जिस पर स्पीकर विजय कुमार सिन्हा का कहना है कि इस घटना में पुलिस खानापूर्ति कर रहे हैं और जानबूझकर उसे फसाया जा रहा है। इसका जवाब देते हुए नीतीश कुमार ने कहा हमारी सरकार ना तो किसी को फंसाती है और ना ही किसी को बचाती हैं।
पूरा मामला
बीते कुछ दिनों पहले हुए सरस्वती पूजा के दौरान कुछ युवकों ने शराब के नशे मे कोरोना के गाइडलाइन का उलंघन करते हुए, अभद्र तरीके से डांस कर रहे थे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ था ।उसी पर पुलिस ने दो युवक को गिरफ्तार कर लिया था जिस पर स्पीकर विजय कुमार सिन्हा अपना गुस्सा जता रहे हैं और पुलिस को खानापूर्ति करता बता रहे हैं।
क्राइम की रिपोर्टिंग कोर्ट में दी जाती है सदन में नहीं
इस पर नीतीश कुमार ने कहा है कि सिस्टम संविधान से चलता है। एक ही मामला को रोज - रोज उठाने का कोई मतलब नहीं है विशेषाधिकार समिति की जो भी रिपोर्ट होगी हम उस पर विचार करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि सिस्टम संविधान से चलती है किसी भी क्राइम की रिपोर्ट कोर्ट में दी जाती हैं सदन में नहीं ।ऐसे में जिसका जो अधिकार है उसे करने दिया जाए इस मामले को अकारण आगे बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है।
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